नोएडा का हिंसक श्रमिक आंदोलन छोड़ गया कुछ सुलगते हुए सवाल
मजदूरों की वेतन बढ़ोतरी की मांग और हिंसा ने छोड़ें कई सवाल गाजियाबाद/नोएडा(एसपी चौहान) एनसीआर में औद्योगिक असंतोष का अलार्म, गाजियाबाद तक असर छोड़ गया है। नोएडा में भड़का मजदूर आंदोलन अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि पूरे एनसीआर के औद्योगिक ढांचे के लिए चेतावनी बनकर उभरा है। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, जहां मजदूरों के बीच असंतोष धीरे-धीरे पनप रहा है।आंदोलन कैसे बढ़ा या कहिए असंतोष की शुरुआत कैसे हुई इसके लिए हमें पिछले 3–6 महीने का घटनाक्रम देखना होगा। मजदूरों की वेतन वृद्धि की मांग और ठेकेदारों पर बकाया भुगतान के आरोप हैं। सही मायने में कारखाना प्रबंधकों ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दे रखा है। अगर सीधी- सीधी बात कही जाए तो यह ठेकेदार और कंपनी के प्रबंधन को देख रहे कुछ अधिकारियों की एक सोची समझी सांठ-गांठ है,जिसकी जड़ में भ्रष्टाचार है। मजदूरों के नाम पर जो ठेकेदार को पैसा मिलता है और जो ठेकेदार मजदूरों को देता है उसमें बड़ा अंतर है...