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परशुराम जयंती के माध्यम से अमरपाल शर्मा ने की अपनी मजबूत दावेदारी पेश

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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने भगवान परशुराम का जयंती महोत्सव मनाया धूमधाम से साहिबाबाद(एसपी चौहान)।      साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा के संयोजन में भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह का आयोजन सेक्टर 7 वसुंधरा में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा के बैनर तले किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे और विशिष्ट अतिथि बलिया के सांसद सनातन पांडे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पीतांबर शर्मा ने की।       कार्यक्रम का संचालन पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने किया। इस आयोजन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर ,जेवर ,अलीगढ़, मेरठ ,शामली, बड़ौत ,बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि ब्राह्मण संगठनों से जुड़े हुए हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के संचालक अमरपाल शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का एक उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समस्त ब्राह्मण संगठनों को एक मंच पर लाना और ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए योजना बनाना है।         ...

धूम-धाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती

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धूमधाम से मनाई गई महाराणा प्रताप की जयंती  साहिबाबाद(एसपी चौहान)।      अखंड राजपूताना सेवा संस्थान द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती महाराणा प्रताप चौक वसुंधरा में मनाई गई। इस अवसर पर महाराणा प्रताप की मूर्ति पर फूल माला चढ़ाई गई और उनको याद करते हुए उनके नाम के जय घोष किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. वीपी सिंह ने की।       प्राप्त जानकारी के अनुसार वसुंधरा पुलिस चौकी वसुंधरा कनावनी नहर के पास महाराणा प्रताप चौक पर स्थित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण  कर जयंती मनाई गईं तथा उनके नाम के जय घोष किए गए। महाराणा प्रताप की जय हो के नारो से वहां का पूरा वातावरण राष्ट्र भक्ति मय हो गया।    इस अवसर पर अखंड राजपूताना सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष केपी सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला और उन्हें एक सच्चा राष्ट्र भक्त ऐसा योद्धा बताया जिसकी वीरगाथा  सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं तथा दुश्मनों के दिल दहल जाते हैं। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और जीवन परियंत तक दु...

इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

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इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल, इंदिरापुरम में अलंकरण एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न  साहिबाबाद(एसपी चौहान)। इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल, इंदिरापुरम में शपथ ग्रहण एवं  पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ उपस्थित गणमान्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया।       इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर रोहित बुटेलिया  एवं विद्यालय प्रधानाचार्य ने सभी पदाधारियों को शपथ दिलाई एवं अवॉर्ड विनर्स को मेडल्स और सर्टिफिकेट्स देकर उनका उत्साह वर्धन किया ।     तदुपरांत विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। विद्यार्थियों ने नृत्य  एवं गायन की प्रस्तुति दी तथा स्कूल बैंड ने भी सभी का मन मोह लिया ।        इस अवसर पर  दिव्यम मोदानी (हेड बॉय), आशिनी नायर (हेड गर्ल), पुरंजय शर्मा (असिस्टेंट हेड बॉय), अनन्या झा (असिस्टेंट हेड गर्ल), एरिका शर्मा (स्पोर्ट्स कैप्टन), अनिकेत सिंह (स्पोर्ट्स वाइस कैप्टन), पलक यादव (कल्चरल कैप्टन), श्रीजा चौरसिया (कल्चरल वाइस कैप्टन), सार्थक बांगा (वेलफे...

सरकारी विद्यालयों में शिक्षक निजी विद्यालयों के मुकाबले में कम योग्य नहीं होते,फिर भी लोग सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों को क्यों नहीं पढ़ाते?

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भारत के उलट ऑस्ट्रेलिया के सरकारी स्कूल क्यों बेहतर है निजी स्कूलों से? मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया से पत्रकार एसपी चौहान की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट- भारत और ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था की तुलना करने पर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर क्यों ऑस्ट्रेलिया के सरकारी स्कूल आम लोगों की पहली पसंद हैं, जबकि भारत में सरकारी स्कूल अक्सर गरीब और ग्रामीण वर्ग तक सीमित होकर रह जाते हैं। यह बात अलग है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षक निजी विद्यालयों के शिक्षकों से योग्यता के मामले में कम नहीं होते।       ऑस्ट्रेलिया में लगभग 63प्रतिशत छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, जबकि भारत में भी सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं, लेकिन मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग तेजी से निजी स्कूलों की ओर भाग रहा है। यह अंतर केवल आर्थिक नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, जवाबदेही और सोच का भी अंतर है।      जो भारतीय ऑस्ट्रेलिया में रहकर अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं उनसे बात करने पर जो जानकारी हुई वह यह है कि रटने वाली शिक्षा बनाम समझ आधारित शिक्षा। भारत की शिक्षा व्यवस्था लंबे समय तक परीक्षा...

वैज्ञानिक सर नोसल ने ऑस्ट्रेलिया में स्कूल की स्थापना कर शिक्षा का दीप जलाया

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धन्य हैं नोसल और उनकी जैसी सोच के महान लोग मेलबर्न (एसपी चौहान) मुझे मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के एक नोसल हाई स्कूल में जाने और समझने का मौका मिला। इसके संस्थापक Sir Gustuv nossal थे ,जो एक वैज्ञानिक थे तथा द्वितीय विश्व युद्ध में ऑस्ट्रिया से हिटलर के अत्याचार से परेशान होकर यहां आकर शरण पाए थे।       यह स्कूल एजुकेशन हब समझे जाने वाले विक्टोरिया में स्थित है। मैंने वहां के कुछ शिक्षकों से बात की। मैं अपने बेटे जय के साथ पेरेंट्स टीचर मीटिंग में गया था। यहां मेरा बड़ा पौत्र यश कक्षा 11 का छात्र है। जो देखा वह लिख रहा हूं। यहां ओपन क्लासें होती हैं, एक क्लास में 20 से 25 छात्र होते हैं। सबसे ज्यादा खुशी की बात मुझे यह दिखाई दी कि यहां भारतीय, श्रीलंका, चीन,कोरिया, बांग्लादेश पाकिस्तान के छात्र -छात्राओं की संख्या काफी अधिक थी। जिनमें चीन और भारत के सबसे ज्यादा थे। यह सरकारी स्कूल है जिसमें एडमिशन के लिए ऑस्ट्रेलिया के सबसे मेधावी छात्र ही परीक्षा पास कर पाते हैं। यह चार विद्यालय हैं जिनमें दो विद्यालय कोएजुकेशन के हैं एक में केवल लड़कियां और चौथे में लड़...

अग्नि पीड़ितों की सहायता को आगे आई चिकित्सकों की संस्था

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आईएमए  वेस्ट ने कनवानी अग्निकांड के पीड़ितों के लिए लगाया सहायता शिविर  साहिबाबाद(एसपी चौहान) आईएमए वेस्ट गाजियाबाद के द्वारा कनावनी इंदिरापुरम में आग पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य जांच एवं राहत सामग्री शिविर लगाया तथा जरूरतमंदों के स्वास्थ्य की जांच के अलावा जरूरी राहत सामग्री प्रदान की गई।    बुधवार को थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के गांव कनावनी में हुए अग्निकांड से प्रभावित परिवारों के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (वेस्ट) गाजियाबाद के द्वारा एक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रभावित परिवारों के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही पीड़ित परिवारों को रसोई के आवश्यक बर्तन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे भगोना, तवा, कलछी, प्लेट, ग्लास, बाल्टी, मग, चाय की छलनी, साबुन, आटा, चावल, दूध आदि वितरित किए गए।       जिला प्रशासन (आलोक कुमार तहसीलदार मजिस्ट्रेट ) के सहयोग से 250 से अधिक पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई गई। इसके अलावा, आग में जिन बच्चों की किताबें...

रिश्तो की नई दुनिया हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया का एक विश्लेषण

रिश्तों की नई दुनिया: भारत और ऑस्ट्रेलिया के युवाओं की बदलती सोच* परंपरा, स्वतंत्रता और डिजिटल प्रभाव के बीच—युवा कैसे गढ़ रहे हैं प्रेम और रिश्तों की नई परिभाषा मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) से पत्रकार एसपी चौहान की रिपोर्ट। डिजिटल क्रांति और वैश्वीकरण ने युवाओं की दुनिया को अभूतपूर्व रूप से जोड़ दिया है। लेकिन रिश्तों को लेकर सोच अब भी सामाजिक संरचना, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से प्रभावित होती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया—दोनों ही लोकतांत्रिक और बहुसांस्कृतिक समाज—इस बदलाव की दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करते हैं। खुलापन: सामाजिक ढांचे का असर भारत में रिश्तों को अब भी परिवार और समाज की स्वीकृति के दायरे में देखा जाता है, खासकर छोटे शहरों में। हालांकि, गाजियाबाद जैसे तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में युवा अधिक खुलापन अपनाने लगे  हैं। वहीं मेलबर्न जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहरों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता रिश्तों की बुनियाद है। यहां डेटिंग, लिव-इन और ब्रेकअप को सामान्य सामाजिक व्यवहार माना जाता है। विश्लेषण: भारत “संक्रमणकाल” में है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में व्यक्तिगत स्वतंत्रता पहले से स...