आईटीएस में राष्ट्रीय कान्फ्रेंस

आईटीएस मोहन नगर में इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन 
साहिबाबाद (एसपी चौहान)।
आईटीएस मोहन नगर गाज़ियाबाद में "3 डी'एस (डेटा एनालिटिक्स, डिजिटलाइजेशन एंड डिजरप्शन) इन बिजनेस एंड सोसायटी" विषय  पर आधारित दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस -2022 का आयोजन किया गया। 
      आयोजन का शुभारम्भ  मुख्य अतिथि व उपसभापति राज्य सभा हरिवंश नारायण सिंह,प्रो. एसके काक( पूर्व कुलपति, महामाया तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ) और  अब सीसीएस विश्वविद्यालय, मेरठ, डॉ मनोरंजन शर्मा, मुख्य अर्थशास्त्री, सूचना विज्ञान रेटिंग, नई दिल्ली, आईटीएस - द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष अर्पित चढ्ढा, निदेशक  प्रो. वीएन बाजपई कांफ्रेंस  कन्वेनर  डॉ मनोज कुमार झा  द्वारा सरस्वती वंदना  व दीप प्रज्ज्वलित कर के किया गया।
     इस अवसर पर श्री चढ्ढा जी ने सभी छात्रों, शिक्षकों एवं अतिथि वक्ताओं को इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दी और शैक्षणिक प्रोत्साहन हेतु संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर  प्रसन्नता जाहिर की। 
       निदेशक  प्रो. वीएन बाजपई  ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों  और प्रतिभागियों का स्वागत किया, साथ ही कांफ्रेंस  के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला।  उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों से उत्पन्न  बदलती हुई निगमित कार्य शैली और प्रबंधन के तरीकों में आये हुए बदलावों पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस संयोजक डॉ मनोज कुमार झा  ने पूरे कार्य क्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन से सम्बंधित मुख्य उद्देश्यों से अवगत कराया और कांफ्रेंस की विशिष्टता पर ध्यानाकर्षित किया। 
      मुख्य अतिथि तथा उपसभापति, राज्य सभा ने कहा कि डेटा विश्लेषण जहां लागत बचत, उत्पादकता लाभ और बेहतर निर्णय लेने का वादा करते हैं। ये सकारत्मक परिवर्तन  समस्याओं को हल करने और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का एक वास्तविक अवसर है। साथ ही उन्होंने कहा की इसे निकट भविष्य में मनुष्य का विकल्प समझना व नकारत्मक पहलुओं को नजरंदाज करना भी एक बड़ी भूल होगी और इस विषय में शोध और परिचर्चा की आवश्यकता पर संभावना जताई।
        प्रो. एसके काक ने शिक्षा जगत में डिजिटलाइजेशन व डाटा एनालिटिक्स के द्वारा आए बदलावों के बारे में चर्चा की। प्रो. काक ने इन क्षेत्रों में नव अवसरों का लाभ लेकर छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा संस्थान को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बेहतर संचार, बढ़ी हुई पारदर्शिता, बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और तेजी से निर्णय लेने सहित डिजिटलीकरण के कई लाभों से सभी को अवगत कराया।
        डॉ मनोरंजन शर्मा ने कहा कि डिजरप्शन का उपयोग करने या उसमें भाग लेने से कंपनी को अपने तरीकों में अधिक लचीलेपन का लाभ होता है। इसी तरह डेटा एनालिटिक्स  निर्णय लेने की प्रक्रिया में काफी सटीकता सुधार प्रदान करता है। इस भयंकर प्रतिस्पर्धी बाजार में उन्होंने  डिजिटलीकरण के  माध्यम से आंतरिक व्यावसायिक प्रक्रियाओं में सुधार करने की क्षमता पर बल दिया।
     21व 22 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देश - विदेश  के विभिन्न भागो से भारी संख्या में   शिक्षाविद , व्यापार व उद्योग प्रबंधक, शोध कर्त्ता, सरकारी प्रतिनिधि एवं गैर लाभकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे  और अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।  यह कांफ्रेंस चार सत्रों में क्रमशः पूर्ण सत्र (प्लैनरी सेशन), वित्त, विपणन, मानव संसाधन एवं जनरल मैनेजमेंट विषयो में विभाजित है। जिसमे शोधकर्ता अपने शोध का प्रस्तुतिकरण कर रहे हैं। सभी सत्रों में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए शोधकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है।
    प्लेनरी सत्र में प्रो. एड्रियाना, क्रायोवा विश्वविद्यालय, रोमानिया, प्रो. जस्टिन पॉल, प्रोफेसर, प्यूर्टो रिको विश्वविद्यालय, सैन जुआन, यूएसए
डेविड विटनबर्ग, आई एस एम ई कॉलेज, मुंबई, इवान मुनीज़ रोथगीसर, निदेशक- एसीसीईडीयू, कुस्को-पेरु
डॉ-मकारियो जी. गायता, प्रोफेसर - फिलीपीन क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी मनीला ने परिचर्चा मे भाग लिया।
        उद्घाटन सत्र के पश्चात विपणन व वित्त क्षेत्र में प्रतिभागियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किये। इस अवसर पर उत्कृष्ट कोटि के शोध पत्रों से समाहित अंतरराष्ट्रीय शोधपत्रिका के विशेष संस्करण का विमोचन भी किया गया।

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