क्षत्रिय समाज सर्व समाज को साथ लेकर यूजीसी के मामले में करेगा आंदोलन
यूजीसी की भेदभाव वाली गाइडलाइन के खिलाफ क्षत्रिय समाज सर्व समाज को साथ लेकर करेगा आंदोलन
क्षत्रिय समाज की ओर से एक बैठक का आयोजन राजेन्द्र नगर सेक्टर 5 में किया गया, जिसका उद्देश्य था यूजीसी की नई गाइडलाइन के बारे में समाज की दिशा तय करना। लंबे विचार विमर्श के बाद समाज ने यह तय किया है कि वह सामान्य वर्ग के लोगों के अलावा प्रबुद्ध पिछड़े और अनुसूचित जाति व जनजाति समाज के लोगों को साथ लेकर भेदभावपूर्ण यूजीसी की नई गाइडलाइन का विरोध करेगा। समाज सरकार से मांग करेगा कि गाइडलाइन ऐसी हों जिसमें सार्वभौमिकता नजर आए और किसी भी छात्र का भविष्य खराब ना हो सके। इसके लिए भेदभाव पूर्ण नई यूजीसी गाइडलाइन को रद्द किया जाए तथि 2012 की जो परानी गाइडलाइन है उसी को लागू किया जाए तथा जरूरत समझें जाने पर उसमें ऐसे संशोधन किये जाए जिससे समाज में संघर्ष और वैमनस्यता पैदा न हो,बल्कि आपस में सौहार्द बड़े।
बैठक की अध्यक्षता यशपाल सिंह द्वारा की गई और संचालन सतीश सिंह दाहिमा द्वारा किया गया। संचालन की शुरुआत यूजीसी की नई गाइडलाइन पर प्रकाश डालने से हुई जिसमें सतीश सिंह दाहिमा और एडवोकेट भूपेंद्र सिंह ने बारीकियों को समझाया। बैठक में प्रबुद्ध लोगों ने यूं तो अनेक तरह के विचार प्रस्तुत किये लेकिन इसका निष्कर्ष यही निकला कि समाज में समरसता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण बात है। हमारे छात्रों को सिर्फ शिक्षा से मतलब रहे जाति और वर्ग का भेदभाव उनसे दूर रहे। वे एक दूसरे के साथी बने विरोधी नहीं। इसके लिए जरूरी है शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक विचारधारा से दूर रखा जाए,जाति, क्षेत्र, लिंग भेद और शारीरिक अक्षमता जैसे मुद्दों के भेदभाव से उन्हें बचाया जाए। पिछड़े और अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रों को हर तरह से संरक्षण मिले लेकिन किसी भी सवर्ण छात्र के मौलिक अधिकारों का हनन न हो तथा झूठी शिकायत करने वाले छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का हक मिले।
बैठक में तय हुआ कि क्षत्रिय समाज के लोग अपने आसपास रहने वाले सामान्य वर्ग के लोगों के अलावा अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग के लोगों के प्रबुद्ध लोगों से संपर्क करेंगे और उनको साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा तथा देश के संपूर्ण छात्रों के हितों के लिए संरक्षण के लिए सरकार को वाध्य किया जाएगा।
केंद्र सरकार का प्रतिनिधि सांसद होता है इसलिए क्षेत्रीय सांसद से मिलकर उन्हें अपनी मांगों का प्रतिवेदन दिया जाएगा और इसके आगे की भूमिका इसके बाद में तय की जाएगी। यहां यह भी विचार किया गया कि जो सर्व समाज के प्रबुद्ध अधिवक्ता हैं उनकी एक टीम बनाकर कानून की लड़ाई अदालत में लड़ी जाए।
इस बैठक में यशपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह,केपी सिंह , विनोद कुमार सिसोदिया, सतीश दाहिमा, प्रेमपाल सिंह सिसोदिया, शिवकुमार राघव,सुरेश सिंह गौर, रमेश चंद्र राघव,एसपी चौहान, एमपी सिंह ,गौरव चौहान, संजय तोमर, एडवोकेट विवेक भदोरिया, महाराज सिंह पुंडीर, सुबोध परमार, एसपी सिंह, अजय तोमर, रोहित, अर्नब,अमरेश सिंह, सीमा सिंह , सुप्रिया सिंह, शिवराज सिंह तथा देवेंद्र सिंह आदि ने भाग लिया।
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