वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की मूर्ति का हुआ भव्य अनावरण
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण
अखंड राजपूताना सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष केपी सिंह के नेतृत्व में महाराणा प्रताप चौक वसुंधरा पर स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण कानपुर देहात के सांसद देवेंद्र सिंह भोला द्वारा किया गया।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी मंत्री एवं साहिबाबाद के विधायक सुनील कुमार शर्मा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे। मूर्ति का अनावरण पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने यह कह कर कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया कि उनकी पार्टी ने उन्हें दूसरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी है। तब समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं सांसद देवेंद्र सिंह भोले द्वारा अनावरण किये जाने का फैसला आयोजकों द्वारा लिया गया।
समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति एवं समाजसेवी रुद्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर श्री श्री 1008 स्वामी विज्ञानांनंद जी महाराज, समाजसेवी चौधरी यशपाल सिंह, साठा 84 के अध्यक्ष घासीराम जी, रक्ष पाल सिंह ,समाज सेवी विक्रम सिंह, पूर्व विधायक एवं चिकित्सक वीपी सिंह इतिहास विद ओमेंद्र रत्नू, पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा आदि उपस्थित थे।
कानपुर देहात के सांसद एवं मुख्य अतिथि देवेंद्र सिंह भोले ने अपने उद्घाटन भाषण में महाराणा प्रताप को एक ऐसा वीर योद्धा बताया जिसने समाज के उपेक्षित वर्ग भीलों को साथ लेकर गोरिल्ला युद्ध किया और देश की विदेशी आक्रांताओं से रक्षा की। उन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया लेकिन विदेशी आक्रांताओं के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया।महाराणा प्रताप का जीवन बताता है की त्याग और बलिदान किसे कहते हैं। जो व्यक्ति राष्ट्र के लिए जीता है राष्ट्र से कभी नहीं भुलाता और जो लोग ऐसे व्यक्ति के जीवन चरित्र को अपनाते हैं वह भी राष्ट्रभक्त बनते हैं।
इस अवसर पर पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जिसका नाम से नाम लेते ही वीरता जाग जाती है उसी का नाम महाराणा प्रताप है। महाराणा प्रताप एक जीवन शैली है,एक विचार धारा है जिसने विदेशी आक्रांताओं को न केवल हर युद्ध में पछाड़ा बल्कि वह जीवन परियंत अजेय रहे।आज भी हल्दीघाटी की मिट्टी में उनके शौर्य की खुशबू आती है। उन्होंने एक किस्सा सुनाया कि अब्राहम लिंकन ने अपनी मां से जब पूछा कि मां मैं हिंदुस्तान जा रहा हूं तो मैं तेरे लिए क्या लेकर आऊं। उसकी मां ने कहा बेटा अगर हिंदुस्तान जा रहा है तो थोड़ी सी हल्दीघाटी की मिट्टी लेकर आना। महाराणा प्रताप की युद्ध शैली दुनिया में सबसे बेहतर रही। वियतनाम के राष्ट्रपति ने भी एक बार कहा था कि उन्होंने महाराणा प्रताप की गुरिल्ला युद्ध नीति से एक विशाल देश के सामने विजय पाई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के योद्धाओं को महाराणा प्रताप की जीवन शैली से सबक लेना चाहिए।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि क्षत्रिय समाज अगर मुट्ठी भींच कर एक बार जोर से महाराणा प्रताप के नाम का नारा लगा लेता तो आगरा का नर पिशाच महाराणा प्रताप के लिए अपमान जनक भाषा का इस्तेमाल करने की हिम्मत नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप और राणा सांगा दो ऐसे महापुरुष/ महायोद्धा हुए हैं जिन्होंने कभी पराजय का मुंह नहीं देखा। उन्होंने कहा कि वे ब्राह्मण हैंऔर क्षत्रियों के कार्यक्रम में पधारे हैं। वे क्षत्रियों से मांग करते हैं कि वे सनातन धर्मकी परंपरा और गौरव को बचाने के लिए आगे आयें ।हमें उन परंपरा और गौरव का एहसास अपने बच्चों में करना होगा जिसे हमारे महापुरूषों ने जीया है।उन्होंने कहा हमारे लड़कियां महापुरुषों के विषय में नहीं जानतीं कि हमारे देश की स्त्रियों ने अपनी इज्जत और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने शरीर को आग के हवाले कर दिया जिसे हम जौहर कहते हैं लेकिन अपनी इज्जत और चरित्र पर आंच नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि हमें अपने युवाओं को और बच्चों को अपनी भारतीय संस्कृति और सभ्यता के मूल मंत्र को बताना होगा। कम्युनिस्ट इतिहासकारों ने देश की आजादी के बाद भारतीय संस्कृति की गलत जानकारी देश के बच्चों और युवाओं को दी। विदेशी आक्रताओं को महान बताया और अपने देश के बहादुरों की निंदा की।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष के पी सिंह ने बताया कि इस मूर्ति के अनावरण के लिए स्थानीय विधायक सुनील शर्मा का बहुत बड़ा योगदान है साथ ही वर्तमान पार्षद नरेश भाटी, गौरव सोलंकी, राजकुमार भाटी के अलावा पूर्व पार्षद संजय शर्मा एवं भाजपा नेता विजय मोहन का योगदान रहा है।
संस्था के अध्यक्ष केपी सिंह के अलावा विजयपाल सिंह, डॉक्टर जी एस चौहान ,सुप्रिया सिंह ,सीमा सिंह, डॉक्टर प्रवीण सिंह पुंडीर, आरपी सिंह तोमर ,सुरेंद्र सिंह तोमर, अजय तोमर ,आशीष राघव, संदीप सिंह, विनोद भाटी, प्रेमपाल सिंह सिसोदिया, दीप तोमर ,दीप्ति सिंह ,प्रशांत सिसोदिया, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, भूपेंद्र सिंह ,सत्यपाल सिंह चौहान, बृज बिहारी सिंह, रानीता सिंह, संजय तोमर ,दीपांशी पुंडीर, डॉक्टर जीपीएस चौहान, शालिनी अमित, गोपाल सिंह जायस, तेजवीर सिंह सिसोदिया रघुनाथ सिंह कच्छावा आदि उपस्थित थे।
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