चलती फॉर्चून कार का साइड का शीशा धमाके के साथ टूटा, डॉक्टर दंपति हुए भयभीत, कंपनी और पुलिस से की जांच की मांग
चलती फॉर्च्यूनर का साइड ग्लास धमाके के साथ टूटा, पत्नी पर गिरे कांच के टुकड़े
लिंक रोड के पास हुई घटना, वाहन मालिक ने पुलिस और अधिकृत सर्विस सेंटर से तकनीकी जांच की मांग की
थाना लिंक रोड क्षेत्र में गुरुवार रात चलती टोयोटा फॉर्च्यूनर का फ्रंट लेफ्ट साइड विंडो ग्लास अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। कांच के टुकड़े कार की आगे की सीट पर बैठी कर चालक डॉक्टर की पत्नी के ऊपर जा गिरे। घटना से दंपती कुछ समय के लिए भयभीत हो गए। वाहन मालिक ने मामले की जांच के साथ-साथ क्षतिग्रस्त ग्लास की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. अनिल राघव अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर यूपी14डीएफ 0579 से 3 सितंबर की रात करीब 9:51 बजे महागुन मेट्रो मॉल, वैशाली से घर लौट रहे थे। थाना लिंक रोड से करीब 30 मीटर की दूरी पर अचानक कार के फ्रंट लेफ्ट साइड का शीशा तेज धमाके की आवाज के साथ पूरी तरह टूट गया। उस समय उनकी पत्नी आगे की सीट पर बैठी थीं। शीशा टूटने से उसके छोटे-छोटे टुकड़े उनकी पत्नी के ऊपर भी गिरे।
डॉ. राघव के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें कुछ समझने का मौका नहीं मिला। धमाके के बाद दोनों काफी भयभीत हो गए और कुछ समय तक कानों में सुन्नपन अथवा कान बंद हो गए। उनका कहना है कि घटना के समय वाहन सामान्य रूप से चल रहा था और किसी तरह की असामान्य स्थिति महसूस नहीं हुई थी।
वाहन मई 2017 मॉडल का है और वे इसकी नियमित सर्विसिंग साहिबाबाद स्थित अधिकृत टोयोटा सर्विस सेंटर से कराते आए हैं। घटना के बाद उन्होंने थाना लिंक रोड में शिकायत देकर मामले की जांच कराने तथा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने अधिकृत सर्विस सेंटर से भी क्षतिग्रस्त शीशे की विस्तृत तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शीशा बदलने से पहले उसके टूटने के पैटर्न और बिखरे हुए कांच के टुकड़ों का निरीक्षण किया जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के पीछे पूर्व क्षति, किनारे पर चोट, तापीय या तकनीकी तनाव, निर्माण संबंधी खामी अथवा किसी बाहरी प्रभाव की भूमिका थी या नहीं।जांच के निष्कर्ष उन्हें लिखित रूप में उपलब्ध कराए जाएं।उन्होंने कहा कि चलती गाड़ी में साइड विंडो का इस तरह अचानक टूटना यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।इसलिए शीशा बदलने से पहले उसके टूटने का कारण का निष्पक्ष तकनीकी परीक्षण जरूरी है, ताकि घटना का कारण स्पष्ट हो सके और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव किया जा सके।
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