श्रमिकों की बर्खास्तगी और तबादले से भड़का कंपनी में विवाद
71 श्रमिकों के तबादले, 44 की बर्खास्तगी पर भड़का विवाद, सीटू ने दी आंदोलन की चेतावनी
साहिबाबाद साइट-4 स्थित होलीफेथ इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी में 44 स्थायी श्रमिकों की कथित बर्खास्तगी को लेकर बुधवार को श्रमिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। कंपनी गेट पर सीटू और विभिन्न यूनियनों के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सीटू नेताओं ने बर्खास्त श्रमिकों की तत्काल बहाली नहीं होने पर औद्योगिक क्षेत्र में बड़े और अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
सीटू गाजियाबाद के मुताबिक, कंपनी में चार वर्ष के समझौते के तहत वेतन वृद्धि को लेकर एक जनवरी 2026 से प्रबंधन और श्रमिकों के बीच वार्ता चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान प्रबंधन ने 30 से 35 वर्षों से कंपनी में कार्यरत 71 स्थायी श्रमिकों का पंजाब और छत्तीसगढ़ तबादला कर दिया। संगठन का दावा है कि इसके बाद 15 सितंबर को इनमें से 44 श्रमिकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
विरोध सभा को सीटू नेता जीएस तिवारी, वेदपाल नागर, पुष्पेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, ईश्वर त्यागी, विजय सिंह और मुकेश बाबू समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। नेताओं ने कार्रवाई को श्रमिक विरोधी बताते हुए बर्खास्त कर्मचारियों की बिना शर्त बहाली की मांग की। सभा की अध्यक्षता राजवीर सिंह और संचालन बीकेएस चौहान ने किया।
सीटू ने सात अक्टूबर को श्रम आयुक्त कार्यालय, गाजियाबाद और आठ अक्टूबर को दिल्ली के आईटीओ स्थित गुलाब भवन में कंपनी के मालिकों के मुख्य कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने एक जनवरी से लंबित मांगपत्र पर वार्ता शुरू करने और उत्पादन प्रक्रिया में कार्यरत करीब 90 ठेका श्रमिकों को स्थायी करने की भी मांग रखी है।
सीटू महासचिव जीएस तिवारी ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि, कंपनी प्रबंधन का पक्ष इस संबंध में अभी सामने नहीं आया है।
एसपी चौहान
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