महात्मा गांधी और शास्त्री जी की जयंती मनाई छात्रों ने
आर्यन एकेडेमी जूनियर हाईस्कूल में हुआ
महात्मा गांधी और शास्त्री जी की जयंती का आयोजन
श्याम पार्क मेन कॉलोनी साहिबाबाद के बाल शिक्षा संस्थान आर्यन एकेडेमी जूनियर हाई स्कूल में डॉ. बीएस त्यागी (पूर्व प्राचार्य लाजपत राय महाविद्यालय) के सभागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत वर्ष के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जन्म जयंती मनाई गई। इस अवसर पर श्याम पार्क मेन रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यापाल सिंह चौहान मुख्य अतिथि थे समारोह की अध्यक्षता उत्तर-प्रदेश सरकार द्वारा ‘वाल्मीकि पुरस्कार’ से सम्मानित भारतीयविद्या मनीषी पूर्व प्राचार्य डॉ. विशनलाल गौड़ ‘ व्योमशेखर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री चौहान के साथ अध्यक्षता कर रहे डॉ. गौड़ ने देश की दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण करके की। इसके उपरांत आर्यन स्कूल के सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं के अलावा सभागार में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा – सुमन अर्पित किए।
इस राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर आर्यन एकेडेमी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सबसे प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राज्य राम’ का सामूहिक गायन किया । इस भजन को गाने में दोनों अतिथियों ने भी भागीदारी की। आयोजन में अनेकों छात्रों ने राष्ट्रपिता का स्मरण करते हुए अपने भाषण में उनको बचपन से ही सत्य और अहिंसा के सिद्धांत का पुजारी बताया जिसका पालन गांधी जी ने ताउम्र करते हुए क्रूर ब्रिटिश हुकूमत का विरोध किया और कई देशव्यापी आंदोलन का सफल नेतृत्व किया।अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी की लड़ाई लड़ते हुए गांधी जी अनेकों बार जेल भी गए। शिक्षा के उत्थान, सती प्रथा का विरोध के अलावा देश के दबे-कुचले अछूत समझे जाने वाली जातियों के उत्थान व सम्मान के प्रति उनका योगदान अद्वितीय माना जाता है। अछूत व्यक्ति को उन्होंने नया नाम ‘हरिजन’ देते हुए उनको हरी ( भगवान ) का जन ( प्रतिनिधि ) कहा और उन्होंने‘ हरिजन ’ नाम से एक अखबार भी निकाला था। सर्वप्रथम गांधी का सम्मान करते हुए उनको ‘बापू’ का सम्बोधन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने 1944 के भाषण में किया और इसी बापू नाम से गांधी जी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गए।
इसी प्रकार देश के आजाद हो जाने के बाद पंडित नेहरू के बाद वर्ष 1964 लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने। देश अनेकों आंतरिक व बाहरी समस्याओं से जूझ रहा था। 1965 के पाकिस्तान सीमाओं पर युद्ध के दौरान शास्त्री जी ने ‘जय जवान , जय किसान ‘ का देशव्यापी नारा दिया और देश को एकता के सूत्र में पिरोकर सशक्त बनाया एवम् दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया।
कार्यक्रम में अपने विचार पेश करने वाले छात्रों में सिमरन, अहम, रॉनित, अखिल सिंह, अर्पित, पूजा, दीपांशु, जय पांडे, आयुष, पायल, अनन्या सिंह, रुखसार और लक्ष्य प्रमुख रहे। मंच का संचालन छात्रा सिमरन ने किया। मुख्य अतिथि सत्यपाल सिंह चौहान ने अपने सम्बोधन में उपस्थित सभी लोगों को दोनों महान विभूतियों के जीवन पर प्रकाश डाला और छात्रों को दोनों महान विभूतियों के जीवन दर्शन से शिक्षा लेने की सलाह दी। श्री चौहान ने आर्यन एकेडेमी स्कूल के छात्रों जिनकी दृष्टि कमजोर होने का शक है उनके लिए फ्री चेक-अप की सुविधा प्रदान करने और असमर्थ गरीब बच्चों के आँखों का मुफ़्त चश्मा प्रदान करने की घोषणा की। अध्यक्षता कर रहे डॉ. गौड़ ने सभी जन को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मियों जिनमें सिमरन, सना सईद, प्रियंका जोशी, प्रीति शर्मा, शालू यादव,नंदिनी पांडे, बाबली वर्मा, मीनाक्षी भण्डारी,ज्योति, ममता त्यागी, प्रीति, रागिनी, दिव्य , सुमन, ईशान गौड़, संजीव गौड़ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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